अध्याय 256

एमिली के चेहरे पर जो मुलायम-सी मुस्कान थी, वह कब की बिना कोई निशान छोड़े गायब हो चुकी थी।

उसने सब कुछ सुन लिया था।

हर एक शब्द जैसे ज़हरीली सुई, जो उसके दिल में धँसता चला गया।

“तुम्हारी माँ हमेशा ऐलेन ही रहेगी—और सिर्फ़ ऐलेन।”

“एमिली से दूर रहो।”

हेह… हमेशा, सिर्फ़ ऐलेन?

उससे दूर रहो?

उसकी दस ...

लॉगिन करें और पढ़ना जारी रखें